शास्त्रों में बताया गया हैें ६ कार्य जो स्त्रियों के लिए वर्जित, परन्तु पुरूष के लिए मान्य।

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Striyo ke liye verjitआज के दौर में जहां स्त्री और पुरूष कदम से कदम मिलाकर चल रहें हैं। वहीं कुछ ऐसे कार्य है जिसे आज भी स्त्रियां करने से बचती हैं। आज हम अपने इस लेख में आपको कुल ६ कार्योंं के बारे में अवगत कराऐंगे जिसे शास्त्रों में स्त्रियों के लिए वर्जित माना गया हैं, परन्तु उस कार्य को पुरूष के लिए मान्य माना गया हैं।

१.ओम मंत्र का उच्चारण- ओम मंत्र के उच्चारण के दौरान शरीर के नाभी वाले भाग में दबाव पड़ता हैं। जो कि वैज्ञानिक दृष्टि से स्त्रियों के लिए लाभकारी नहीं हैं। इसलिए मंत्र के उच्चारण के समय स्त्रियों को ओम शब्द को छोड़कर सीधे मंत्र का जप करना चाहिए। जैसे कि ॐ नम: शिवाय के स्थान पर सिर्फ नम: शिवाय का ही जाप करें।

२.साबूत कुम्हरा- शास्त्रों में इसे काटने और फोड़ने पर स्त्रियों को मनाही हैं। इसे सर्वप्रथम पुरूष काटते हैं। जिसके बाद ही स्त्रियां इसे काट सकती हैं।

३.बलि देना- बलि देने में भी सिर्फ पुरूष ही प्रमुख रूप से मान्य हैं। स्त्रियों के लिए पूर्ण रूप से वर्जित हैं।

४.हनुमान जी को स्पर्श करना- हनुमान जी को ब्रह्मचारी माना जाता हैं। इसलिए स्त्रियां सिर्फ हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं, लेकिन उन्हें स्पर्श करने की स्त्रियों को मनाही हैं।

५.नारियल फोड़ना- मंदिरों में या किसी पूजन आयोजन में हमने हमेशा से देखा है कि स्त्रियां नारियल नहीं फोड़ती हैं। इसके पिछे शास्त्र में बताया गया है कि यह लक्ष्मी और उर्वरा का प्रतीक होता हैं। इसलिए स्त्रियां नारियल नहीं फोड़ती हैं।

६.जनेऊ धारण करना- स्त्रियों का यज्ञोपवित नहीं होता हैं। वे सिर्फ जनेऊ बना सकती हैं लेकिन जनेऊ धारण का विधान सिर्फ पुरूषों के लिए हैं।

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